धारा 406 जमानत कैसे मिलती है?

भारतीय दंड संहिता की धारा 406 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति ने किसी दूसरे व्यक्ति को विश्वास पे संपत्ति दी है और उस दूसरे व्यक्ति ने उस संपत्ति का ग़लत इस्तेमाल किया/किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया/पहले व्यक्ति के माँगने पर नही लौटाया, तो वह विश्वास के आपराधिक हनन का दोषी होगा।

धारा 406 में वकील की जरुरत क्यों होती है? धारा 406 में वकील की जरुरत होती है क्योंकि धारा 406 में मामलों को संभवतः जमानत और सजा के साथ होने वाला है। इसलिए, धारा 406 में वकील का रूप लेना अत्यंत जरूरी हो सकता है। धारा 406 में वकील आपको अपने मामले की पूरी जानकारी देंगे और आपको अपने अधिकारों के बारे में समझाएंगे। वकील आपकी मदद करेंगे अपने मामले को सफलतापूर्वक हल करने में और आपको सजा या जमानत से बचाने में मदद करेंगे।